गर्भ में लड़का होने पर कहां दर्द होता है

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1.मां की कोख में लड़का है या लड़की, इस बात को जांचने का सबसे अच्छा तरीका है महिला के पेट का आकार। अगर गर्भवती स्त्री के पेट का निचला हिस्सा फूला हुआ और उभरा हुआ हो तो ये गर्भ में लड़के के होने का संकेत देता है।2.वहीं अगर किसी महिला के हाथ सुंदर दिखने लगे और हथेली मुलायम हो जाए तो ये लड़की होने का संकेत होता है। क्योंकि माना जाता है कि लड़कियां सौम्यता को बढ़ावा देती हैं। उसके प्रभाव से गर्भवती स्त्री की सुंदरता बढ़ जाती है।

गर्भ में लड़का होने पर कहां दर्द होता है garbh mein ladka hone per kahan Dard hota hai . ladka hone ke lakshan

3.अगर किसी स्त्री के गर्भ में लड़का पल रहा हो तो औरत के पैर ठंडे रहते और बाल झड़ने लगते हैं। इस दौरान महिला का मूड भी हमेशा बदलता रहता है।4.जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान बाईं करवट लेकर सोना पसंद करती हैं तो समझ जाना चाहिए कि आपकी कोख में लड़का है। इस दौरान स्त्री के सिर में भी काफी दर्द रहता है।5.गर्भ में लड़का है या लड़की इसे जांचने का एक बेहतर तरीका है बेकिंग सोडा। इसके प्रयोग के लिए गर्भवती स्त्री को सुबह उठते ही अपने सबसे पहले यूरीन को किसी बाउल में रख दें। अब इसमें एक चम्मच बेकिंग सोडा डाल दें। अगर यूरीन में झाग न निकलें तो समझे कोख में लड़का है। गर्भ में लड़का होने पर कहां दर्द होता है

6.अगर किसी महिला को खूब पानी पीने के बावजूद पीले रंग की पेशाब होती है, तो इसे लड़का होने का संकेत माना जाता है। क्योंकि गर्भ में लड़की के होने पर यूरीन का रंग हल्का गुलाबी व सफेद रहता है।7.गर्भावस्था के दौरान अगर महिला को मीठा खाने का मन होता है तो इसे गर्भ में लड़की होने का संकेत समझा जाता है। माना जाता है कि कोख में लड़की के पलने से मां को मिठाईयां, आइस्क्रीम, चॉकलेट्स खाने का मन करता है।

8.जिन प्रेगनेंट औरतों को गर्भावस्था के दौरान कम भूख लगती है, खाना खाने का मन नहीं होता है, जी मिचलाता है एवं उल्टियां होती हैं तो समझ जाएं कि आपके गर्भ में लड़का पल रहा है।9.जिन महिलाओं को गर्भावस्था में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है, इसे लड़की होने का संकेत माना जाता है। कहते हैं लड़कियां लीवर के पास वाली जगह लात मारती हैं।10.जिन स्त्रियों के प्रेगनेंसी में मुंहासे निकल आते हैं, इसे गर्भ में लड़का होने का संकेत माना जाता है। इस दौरान महिला के स्वभाव में भी काफी बदलाव आते हैं। महिला में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।